NGO क्या होता है और NGO कैसे काम करता है? | NGO Full Form | How Its Works

NGO Full Form

"NON-GOVERNMENTAL ORGANIZATION" “गैर सरकारी संगठन” होता है। 

NGO क्या होता है और NGO कैसे काम करता है

what is an Ngo and How Does It Work

NGO Full Form in Hindi  Or English "NON-GOVERNMENTAL ORGANIZATION" “गैर सरकारी संगठन” होता है। एनजीओ का मतलब एक ऐसे गैर सरकारी संगठन से है जो न तो सरकार का हिस्सा है और न ही पारंपरिक लाभ का व्यवसाय। यह गैर लाभकारी व्यवसाय है जो बुजुर्ग, गरीब असहाय बच्चों, और पर्यावरण इत्यादि से संबंधित समस्याओं को हल करने के लिए बनाया गया एक संगठन है।

एनजीओ का मतलब होता है गरीबों की मदद करना | और नीचे वर्ग के लोगों को पूरी मदद करना उनका जॉब का उनका घर का मुहैया कराना सब कुछ होता है | एनजीओ का मतलब होता है लोगों का कल्याण करना समाज का कल्याण करना बुजुर्गों का कल्याण करना | एनजीओ का मूलभूत विचारधारा अमेरिका से शुरू किया गया था | संगठन एक व्यक्ति द्वारा नहीं चलाया जाता है कम से कम 7 और 7 से अधिक लोगों का गठन होता है उसके द्वारा चलाया जाता है |

एनजीओ का मतलब यह नहीं होता है कि लोगों से पैसा कमाना बल्कि लोगों की मदद करना और उनको हर चीज कम हुई है मुहैया कराना | एनजीओ में काम करने के लिए रजिस्ट्रेशन और नॉन रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती है वह आकर काम कर सकते हैं लोगों की मदद | हमारे भारत में एक मिलियन और उससे अधिक संस्था का अनुमान लगाया गया है |भारत के सभी एनजीओ केंद्रीय एक्ट के अंतर्गत आते हैं | 

NGO के प्रति लोगों में अत्यंत आकर्षण है। इस समय हमारे देश में सक्रिय सूचीबद्घ NGO की संख्या एक रिपोर्ट के अनुसार 33 लाख के आसपास है। महाराष्ट्र में सबसे ज़्यादा करीब 418 लाख NGO है।

इसके बाद नंबर आता है आंध्रप्रदेश का यहाँ 416 लाख NGO हैं। उत्तर प्रदेश में 413 लाख, केरल में 313 लाख, कर्नाटक में 119 लाख, गुजरात व पश्चिम बंगाल में 117-117 लाख, तमिलनाडु में 114 लाख, उड़ीसा में 113 लाख तथा राजस्थान में एक लाख एनजीओ सक्रिय हैं।

NGO - गैर-सरकारी संगठन पंजीकरण

राष्ट्रीय न्यास अधिनियम की धारा 12 (1) के अनुसार कोई भी स्वैच्छिक संगठन या दिव्यांगजनों के माता-पिता की एसोसिएशन या "स्वपरायणता, प्रमस्तिष्क घात, मानसिक मंदता और बहु – निःशक्तताग्रस्त व्यक्तियों" के कल्याण हेतु कार्य कर रहे दिव्यांगजनों की समिति जो सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 (1860 की 21 धारा), या कंपनीस अधिनियम की धारा 25 के तहत या पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत और संबंधित राज्य में विकलांगता अधिनियम, 1995 के तहत पंजीकृत हो, ऑनलाइन फार्म के साथ प्रपत्र `ई को भरकर संगठन के अध्यक्ष/महासचिव का स्टाम्प तथा हस्ताक्षर के साथ राष्ट्रीय न्यास में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

न्यास की योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए ऐसे संगठनों का पंजीकरण आवश्यक होगा।

पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

ऑनलाइन फार्म भरने से पहले, निम्नलिखित विवरण को ध्यान से पढ़ेः-  

धारा 12 (1) के अनुसार दिव्यांगजनों की कोई भी संस्था या दिव्यांगजनों के माता-पिता की कोई भी संस्था या कोई स्वैच्छिक संगठन जिसका मुख्य उद्देश्य स्वपरायणता, प्रमस्तिष्क घात, मानसिक मंदता और बहु – निःशक्तताग्रस्त व्यक्तियों" के कल्याण को बढ़ावा देना है, राष्ट्रीय न्यास में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते है।

  • पंजीकरण के लिए आवेदन करने से पहले, विकलांगता अधिनियम तथा राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत अपनी पात्रता की जाँच करें। आवेदन करने से पहले, अगर संगठन पंजीकृत नहीं है, तो विकलांगता अधिनियम के तहत पंजीकरण कराए। राष्ट्रीय न्यास में पंजीकरण, विकलांगता अधिनियम 1995 के तहत पंजीकरण के सामान्यतः सहयोजित हो जाएगा।

उदाहरण: - 

अगर कोई संगठन 01/01/2015 को राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत पंजीकरण कराता है तो विकलांगता अधिनियम, 1995 के अंतर्गत उसका पंजीकरण 31/12/2017 तक ही वैध है, इसलिए संगठन को राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत केवल 31/12/2017 तक ही पंजीकृत माना जाएगा। संगठन को विकलांगता अधिनियम, 1995 के तहत पंजीकरण के लिए वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए छह महीने (अनुग्रह अवधि) से एक वर्ष तक का समय दिया जाएगा। वैध प्रमाण पत्रों को अगर इस अवधि में प्रस्तुत कर दिया जाता है तो, राष्ट्रीय न्यास के साथ पंजीकरण शेष अवधि के लिए वैध रहेगा। अन्यथा राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत पंजीकरण निरस्त माना जाएगा। संगठन को विकलांगता अधिनियम, 1995 के पंजीकरण के बाद राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत पंजीकरण के लिए पूर्ण जानकारी, दस्तावेज और शुल्क के साथ नए सिरे से आवेदन करना होगा।

पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती हैः-

  • पंजीकरण के आवेदन के लिए संगठन का प्रस्ताव और प्राधिकार।
  • नियम 27 (3) के तहत पंजीकरण के लिए फार्म ई के सभी पृष्ठों पर विधिवत हस्ताक्षर और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता द्वारा मुहर लगा होना चाहिए।
  • पिछले दो वर्षों का लेखा परीक्षित वार्षिक लेखा
  • पिछले वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट
  • संघ ज्ञापन (एमओए)
  • विकलांगता अधिनियम 1995 के अंतर्गत पंजीकरण का प्रमाण पत्र।
  • सोसायटी पंजीकरण अधिनियम जैसे किसी भी प्रासंगिक अधिनियम के तहत पंजीकरण/निगमन का प्रमाण-पत्र।  

पंजीकरण शुल्क शहरी क्षेत्रों के लिए 2000 /- रु. और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1000 /- रु. है। शुल्क को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा किया जा सकता है।

शीघ्र प्रसंस्करण के लिए ऑनलाइन आवेदन के साथ सभी दस्तावेजों को संलग्न करें।

ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से विधिवत हस्ताक्षरित और मुहर लगे ई फार्म सहित, सभी आवश्यक दस्तावेजों की हार्डकॉपी को ऑनलाइन प्रस्तुत करने के सात दिनों के भीतर राष्ट्रीय न्यास कार्यालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

कृपया ध्यान दें कि, ऑनलाइन आवेदन और प्रस्तुत हार्डकॉपी मे किसी भी प्रकार के विसंगति के मामले में, राष्ट्रीय न्यास मंजूरी रद्द/संशोधित/वापस लेने के लिए स्वतंत्रत होगा। ऐसे मामले में पंजीकरण शुल्क वापस नहीं किया जाएगा।

पंजीकरण के नवीकरण के लिए राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत पंजीकरण तिथि की समाप्ति से 6 महीने पहले राष्ट्रीय न्यास को आवेदन प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

NGO एनजीओ में काम कैसे करें

एनजीओ में काम करने के पहले एनजीओ का सदस्य बनना पड़ता है | संस्था का पहला उद्देश होता है मानव कल्याण करना और विकास करना और उनकी मदद करना उनके हर चीजों को मुहैया करवाना | 

एनजीओ फंड जमा करने के लिए कैसे प्रमोट करें


  • एनजीओ का फंड इकट्ठा करने का सबसे आसान तरीका के अपने वेबसाइट पर लिंक डालें लोगों तक यह बात पहुंचाएं उनके स्लिप पहुंचाएं | 
  • एनजीओ का फंड इकट्ठा करने का दूसरा प्रोसेस ए पेपर में स्त्रियां दे
  • एनजीओ का पैसा फोन इकट्ठा करने का तीसरा प्रोसेस है बैनर लगवाएं
  • एनजीओ का चौथा प्रोसेस है टीवी और ऑनलाइन एडवर्टाइज करवाएं
एनजीओ का फाउंड इन 4 तरीकों से कलेक्ट कर सकते हैं जिससे एनजीओ के रहने वाले लोगों को मदद मिलेगी |

मदद करने वाले लोग और कंपनी

एनजीओ का मदद करने वाली बड़ी बड़ी कंपनी आईटीसी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी एमएनसी कंपनी सब अपने फंड डोनेट करते हैं | एनजीओ के फंड में सरकार भी मदद करती है आईटीसी मदद करती है एमएनसी कंपनी मदद करती हैं प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मदद करती है |





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